PR Spiel

Posted By Ashish

With the GDL team set to expand in the coming months, the current team members have started conducting Public Relations (PR) activities, so that the townspeople get a clear idea of who we are, and what we’ve done.

So far, we’ve been conducting info sessions with families and/or groups of people, where each of the team members would talk about their sector and progress. To try and make our content more effective, we decided to trim our talks to a sharp 2-3 minute spiel where we only bombard the listener with the key things.

Here is my 2-3 minute spiel on the technology track (in Hindi). If you cannot read this, you may have to change your Text/Character Encoding settings to Unicode(UTF-8) in your browser.

मेरा नाम आशीष है। मेरा मक्सद है कि बगड़ के सारे लोग कम्प्युटर का उपयोग करने लगें, अपने लाभ के लिए, क्योंकि आज कल के युग में कम्प्युटरों के सैंकड़ो फायदे हैं।

जब मैं यहां पहले आया, तब मैंने देखा कि काफी लोग यह जानते ही नहीं थे कि कम्प्युटरों का आखिर फायदा क्या है? एक और चीज़ जो मेरे ध्यान में आयी कि अपने स्कूलों में कम्प्युटर की पढ़ाई काफी कमज़ोर है, और ज्यादातर थीओरी पर ध्यान है, प्रैक्टिकल पर बिल्कुल कम ध्यान दिया जाता है। इस लिए मैंने स्कूल के बच्चों के लिए एक क्लास चालू करी जिसमें मैं बच्चों को कम्प्युटर प्रैक्टिकल रूप से सिखाना चाहता था।

क्लास के लिए मैंने बगड़ के पाँच स्कूलों में प्रचार किया। करीबन 140 बच्चों ने अपना नाम दिया। सबका इन्टरव्यू लेने के बाद मैंने 24 बच्चों को अपनी क्लास में लिया। सिर्फ 24 छात्र क्यों? क्योंकि मैंने 12 कम्प्युटर खरीदे थे, और मैं दो बैच करके हर बच्चे को क्लास के दौरान एक कम्प्युटर देना चाहता था।

क्यों? अब समझो मैं चार बच्चों को गाड़ी चलाना सिखाना चाहता हूं। अगर मैं सबको एक ही कार में बिठाकर कहूं कि राउंड मारकर आ जाओ, तो क्या हर बच्चा सीख जाएगा? नहीं, सिर्फ जो चला रहा है वही सीखेगा, बाकी तो पसेंजर ही रह गए ना। इस लिए मैंने हर एक बच्चे को प्रैक्टिकल रूप से सिखाने के लिए सबको एक कम्प्युटर दिया।

मेरी क्लास फरवरी से मई तक चली थी। उसमें बच्चों ने प्रैक्टिकल चीजें करनी सीखी, जैसे तेज गति से टाइप करना, पत्र लिखना और छापना, कम्प्युटर पर फोटोस निकालना और संपादित करना वगैराह, वगैराह।

आप पूछेंगे कि मुझे इसमें क्या स्कसेस मिला? मेरे बच्चों ने कम्प्युटर के फायदे को जाना, और कई कम्प्युटर खरीदने में भी उत्सुक हुए। कम्प्युटर खरीदते समय क्या ध्यान में रखना चाहिए, यह जानकारी देने के लिए एक कार्यशाला भी आयोजित करी। एक छात्र खुडाना गांव में 6 छोटे बच्चों को खुद सिखा रहा है। एक छात्र नें अपने पापा कि मिठाई की दुकान के लिए खुद पोस्टर तय्यार किए और इन्टरनेट पर जाकर केक की रेसिपी निकाली।

यह सब से मुझे लगता है कि प्रैक्टिकल रूप से पढ़ाने से बच्चों को कम्प्युटर के उपयोगों और फायदों के बारे में जानकारी बढ़ी है।

Jun 25th, 2007

No Comments! Be The First!

Leave a Reply